रायपुर, 12 जनवरी 2020। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का रंगारंग आगाज रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में हुआ। मुख्य अतिथि राज्यपाल अनुसुईया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर समारोह का शुभारंभ किया। 

यहां राज्य स्तरीय युवा महोत्सव की शुरूआत रविवार को साइंस कॉलेज ग्राउंड में राज्यपाल अनुसुइया उइके ने की। कार्यक्रम की औपचारिकता के बाद मुख्यमंत्री और राज्यपाल रस्साकशी के खेल में हाथ आजमाते दिखे। मंत्री और विधायकों ने गेड़ी और पिट्ठुल भी खेला। स्थानीय खेलों को युवा महोत्सव में खास तौर पर शामिल किया गया है। बॉक्सर विजेंद्र ने यहां युवाओं से कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आपके बीच आया हूं। विजेंद्र ने आगे कहा कि तीन दिन तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव और आज युवा दिवस की बधाई देता हूं, दोस्तों खेल में दो चीजें ही होती हैं, या तो हम जीतते हैं या सीखते हैं, हार जाएं तो भी हम सीखते हैं, हारते वो हैं जो प्रयास नहीं करते। विजेंद्र ने छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया का नारा भी लगाया।

कार्यक्रम में 27 जिलों से आए युवा प्रतिभागियों ने मार्च पास्ट भी किया। इस मौके पर हर जिले की विशेषता को दिखाने का प्रयास किया गया। यहां पर एक शॉट वीडियो भी दिखाया जिसमें राज्य में खुशहाली के दावे, गीत जरिए किए गए, नवा छत्तीसगढ़ गढ़ते है इस गीत के बोल थे। इसमें सरकार के बनने के बाद लिए गए बडे फैसलों से युवाओं के विकास और राज्य के हालात बदलने की बात कही गई। कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और कैबिनेट के अन्य मंत्री भी मौजूद रहे।

राज्यपाल का शायराना अंदाज

राज्यपाल अनुसुइया उइके ने  इस कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें कुछ पंक्तियां सुनाकर हौसला बढ़ाया। राज्यपाल ने कहा- अगर हौसला हो तो पथ भी आसान होता है, नहीं तो रास्ता भी मौत के समान होता है, जो हिम्मत हारते हैं जिंदगी हार जाते हैं, जिनमें हौसला होता है वो बाजी मार जाते हैं। हौसला हो तो मंजिल भी चलकर आएगी, प्यासे के पास चलकर समंदर भी आएगा, थककर न बैठ ओ मंजिल के मुसाफिर, मंजिलें भी मिलेंगी और जीने का मजा भी आएगा। राज्यपाल ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश चहुंमुंखी विकास करेगा। उन्होंने सरकार के कामों को सराहा।

राज्यपाल अनुसुईया उइके ने युवा महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल को बधाई देते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के विभिन्न ग्रामीण खेलों, लोक नृत्य, ललित कला और शास्त्रीय संगीत पर आधारित प्रतियोगिताओं से ग्रामीण खेल प्रतिभाएं निखर कर बाहर आएंगी और प्रदेश की स्थानीय कला संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्योत्सव, आदिवासी नृत्य महोत्सव और इस युवा महोत्सव के माध्यम से खेल एवं संस्कृति को जीवित रखने का सराहनीय प्रयास किया गया। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बधाई दी और कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश चहुंमुखी विकास कर रहा है। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नये कीर्तिमान स्थापित करेगा। राज्यपाल ने कहा कि यह दिन हमारे देश के लिए ही नहीं पूरे विश्व के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन हमारे प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती है। राज्य सरकार द्वारा रायपुर के बूढ़ापारा स्थित डे-भवन को स्मारक बनाने का फैसला सराहनीय है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे हौसलों के साथ संकल्प लेकर आगे बढ़ें तो जीवन में सफलता जरूर मिलेगी। राज्यपाल ने शुभारंभ अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों से आये कलाकारों के द्वारा लोक नृत्य पर आधारित मार्च पास्ट की प्रशंसा करते हुए प्रत्येक दल को 5-5 हजार की राशि देने की घोषणा की।

खेलबो, जीतबो गढ़बो नवा छत्तीसगढ़

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नया नारा भी दिया। सीएम ने कहा कि हमारा स्लोगन है गढ़बो नवा छत्तीसगढ, मैं आज कहूंगा खेलबो,जीतबो, गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ । यह नारा उन्होंने बड़ी तादाद में मौजूद युवाओं से दोहराने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन महीनों से इस कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। पहले ब्लॉक, जिला और फिर अब प्रदेश स्तर के कार्यक्रम हो रहे हैं। स्वामी विवेकानंद जी 39 वर्ष के थे, इस उम्र में उन्होंने देश और दुनिया को जो दिया है वह आज भी सम्मान से याद किया जाता है। स्वामी जी यहां आप लोगों से कम उम्र में आए थे, दो वर्ष यहां रहे, डे भवन को हम स्मारक बनाएंगे साथियों  यही कहूंगा कि हमारे नौजवान विवेकानंद को पढ़ें समझें, नौजवान खेल और पढ़ाई में ध्यान देंगे तो नशे से दूर रहेंगे।

यह होगा युवा महोत्सव में

छत्तीसगढ़ी ग्रामीण पृष्ठभूमि से संबंधित खेल फुगड़ी, भौंरा, गेंड़ी दौड़ एवं चाल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी लोक गीत और लोक नृत्य करमा, राउत नाचा, पंथी, सरहुल, सुवा, डंडा, बस्तरिया नृत्य की प्रस्तुति राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में दिखाई देगी। साथ ही छत्तीसगढ़ी संस्कृति से संबंधित चित्रकला, छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा और व्यंजनों का फूड फेस्टिवल का आयोजन महोत्सव में किया जाएगा। युवा महोत्सव के पहले दिन रविवार को खेल संचालनालय परिसर के मुख्य मंच में लोकनृत्य करमा नाचा, द्वितीय मंच में लोक नृत्य तथा ओपन मंच में राउत नाचा की प्रस्तुति होगी।

खेल संचालनालय के ऊपर के हॉल में शाम 6 बजे तक निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता होगी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम के तीनों कक्ष में शाम 6.30 बजे तक लोकगीत (1500 सीटर हॉल में), शास्त्रीय हिन्दुस्तानी और कर्नाटक संगीत (100 सीटर हॉल में), गिटार और सितार वादन (60 सीटर हॉल में) की प्रतियोगिताएं होगी। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रेक्षागृह में दोपहर  शाम 7 बजे तक एकांकी नाटक और विज्ञान महाविद्यालय ऑडिटोरियम में रात 8 बजे तक तबला वादन की प्रतियोगिता हुई।