नंदिनी श्रीवास्तव की विशेष लेख

दुश्वारियां रास्तों की मुझे मंजिल का पता देते हैं।
दुश्वारियां रास्तों की मुझे मंजिल का पता देती हैं।।
मेरे संघर्ष भरे सफर को ये हौसलों और उम्मीदों से भर देती हैं।
कोई रोक नहीं सकता मुझे दिल में अब ऐसी आंधी है।।
जब से सिविल सेवक बनने की हमने मन में अपनी ठानी है।।

उपरोक्त पंक्तियां जहां सिविल सेवा की लोकप्रियता को वर्तमान परिदृश्य में एक कैरियर के रूप में युवाओं के आकर्षण को दर्शाती हैं, वहीं इसकी महत्ता और भूमिका को भी चरितार्थ करती हैं।

आए दिन हम सभी कई लेखों के माध्यम से अलग अलग व्यक्तित्व और उनके सिविल सेवक बनने के सफर में किये गये संघर्ष से रूबरू होते ही रहते हैं। ऐसे संघर्ष और उनकी सफलता की कहानियां हम सभी के लिए एक जीवंत प्रेरणा स्रोत होते हैं, कई युवा इससे प्रेरित होकर स्वयं भी एक सिविल सेवक बनने का संकल्प लेते हैं।

पर आज हम बात करेंगे करियर के रूप में “सिविल सेवा ही क्यों?”

राष्ट्र की सेवा, उच्च सामाजिक प्रतिष्ठा और अनुकूलतम कार्य दशाओं के साथ अच्छे आर्थिक पैकेज वाली कई अन्य व्यवसायिक और आकर्षक कार्यक्षेत्र उपस्थित होने के बावजूद युवाओं में सिविल सेवा को लेकर जो आकर्षण और लोकप्रियता दिखाई देती है उसका कारण क्या है?

यदि हम किसी राष्ट्र की राजनीतिक व्यवस्था की बात करें तो मुलत: इसके तीन स्तंभ दिखाई पड़ते हैं,जिसे कार्यपालिका ,न्यायपालिका विधायिका कहा जाता है। एक चौथा और अति महत्वपूर्ण स्तंभ स्वतंत्र मीडिया को माना जाता है।सिविल सेवा एक ऐसा शब्द है जो आज किसी भी राष्ट्र की राजनीतिक, सामाजिक आर्थिक और प्रशासनिक प्रबंधन की पहचान बन गई है।

हमारी राजनीतिक व प्रशासनिक व्यवस्था की यह स्पाती रीढ़ है, और भारत जैसे लोकतांत्रिक राष्ट्र में तो इनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण और संवेदनशील हो जाती है क्योंकि जहां ये प्रत्यक्षत: जनता जनार्दन और शासन के बीच के एक महत्वपूर्ण और मजबूत कड़ी हैं वहीं देश के नीति निर्धारण में भी इनकी भूमिका बढ़ती जा रही है, यही कारण है कि देश की दिशा और दशा निर्धारण आज लोक सेवकों से अछूता नहीं रहा हैं।

प्रारंभिक स्तर पर देखें तो इनकी भूमिका मात्र प्रशासनिक नियंत्रक के रूप में दिखाई पड़ती है ,परंतु वर्तमान परिदृश्य में ये लोक कल्याणकारी अभिकर्ता की छवि को चरितार्थ करते हैं।शायद कार्य क्षेत्र में उपस्थित इन्हीं चुनौतियों से भरे स्वरूप ने इसे आज युवाओं के बीच लोकप्रिय बना दिया है। बड़े बदलाव के साथ कुछ कर गुजरने की चाह रखने वाले युवा अकस्मात ही सिविल सेवा की ओर आकर्षित होते हैं।

वास्तव में देखा और समझा जाए तो सिविल सेवा हम एक विस्तृत परिक्षेत्र में कार्य करने का सु- अवसर प्रदान करता है…. शिक्षा ,स्वास्थ्य अर्थव्यवस्था कृषि ,लघु कुटीर उद्योग ,सामाजिक व्यवस्था विधि व्यवस्था ,प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे अनेकों परिक्षेत्र इससे प्रत्यक्षत:जुड़े हुए हैं , जो आपको एक सिविल सेवक के रूप में राष्ट्र के शीर्ष पदों पर आसीन होने का अवसर तो देता ही है साथ ही उच्च सामाजिक प्रतिष्ठा भी प्रदान करता है।

शासन प्रशासन की बात करें तो भ्रष्टाचार लालफीताशाही भाई भतीजावाद पक्षपात अ पारदर्शिता के कारण कई बार सिविल सेवा पर प्रश्नचिन्ह भी खड़े हुए हैं लेकिन इन सबके बावजूद भी इसकी भूमिका और महत्ता को नकारा नहीं जा सकता। हां!समय-समय पर सुधार परिवर्तन की गुंजाइश तो प्रत्येक क्षेत्र से जुड़ी होती है जो यहां भी अनिवार्य लगती है।

   -लेखक परिचय-

लेखिका नंदिनी श्रीवास्तव लम्बे समय से शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं।केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली कोचिंग संस्थाओं में लगातार अध्यापन का कार्य कर रहीं हैं।आपके मार्गदर्शन में अनेक अभ्यर्थी सफलता हासिल कर उच्च पर चयनित होते रहे हैं।

आपने जूलॉजी में एम.एस.सी और हिस्ट्री में एम.ए. की उपाधि हासिल की है। आप नेट क्वालीफाई कर चुकी हैंऔर गांधीधीनगर अंबिकापुर में निवासरत है।

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