दंतेवाड़ा। दन्तेवाड़ा में चार शिक्षकों ने मिलकर दो छात्रों की जमकर पिटाई कर दी। शिक्षकों ने दो बच्चों की इतनी पिटाई कर दी कि बच्चों के शरीर में निशान दिखाई दे रहे हैं।

दरअसल गीदम के जावंगा की मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल का एक और मामला सामने आया है। इस बार मामला बच्चे की बेरहमी से पिटाई से जुड़ा है। यहां के 4 शिक्षकों पर बच्चे की पिटाई के आरोप लगे हैं।

बुधवार को भी हर रोज की तरह क्लास चल रही थी। शिक्षक मोचन सिंह ने बच्चों से पूछा कि सबसे ज्यादा कामचोर कौन होता है? तो बच्चे ने जवाब दिया जो आलसी होता है। फिर क्या था, बच्चे की इस बात पर शिक्षक आग बबूला हो उठे।

जानकारी के मुताबिक पहले शिक्षक ने खुद बच्चे को पीटा और फिर अपने साथी शिक्षकों और बच्चे के छोटे भाई से पिटवाया। जब शाम को बच्चा घर पहुंचा तब परिजनों ने डंडे के निशान देखे, तब बच्चे ने पूरी बात बताई।

लोगों को पता चला और देर रात तक बवाल हुआ। बच्चे ने शिक्षक मोचन, नरेश, राम गोपाल व सरोज पर पिटाई के आरोप लगाए हैं। बच्चे को लेकर परिजन गीदम थाने पहुंच गए।

जहां प्रिंसिपल व संबंधित शिक्षकों को बुलवाकर पूछताछ की गई व देर रात तक माहौल गर्म रहा।

इधर, बढ़ते विवाद को देख प्राचार्य आर कृष्ण मूर्ति ने गुरुवार सुबह एक शिक्षक को बर्खास्त किया था। लेकिन गुरुवार शाम तक चारों शिक्षक बर्खास्त कर दिए गए। शिक्षक गोपाल ने बताया कि हमने केवल बच्चे के साथ एक मजाक किया था। क्योंकि बच्चे ने शिक्षक की कॉलर पकड़कर उसे मारने की कोशिश की। वहीं दो सौ डंडे मारने वाली बात सरासर गलत है। हमने केवल 4-5 डंडे ही बच्चे को मारे हैं।

डीएवी स्कूल के प्राचार्य आर कृष्णमूर्ति ने बताया कि शिक्षक के प्रश्न पूछे जाने के बाद छात्र ने बदतमीजी की व कॉलर पकड़ा था। मेरे पास जब मामला आया तो मैंने दोनों को समझाया था। इसके बाद भी टीचर ने बच्चे की पिटाई की। जिस तरह का कृत्य बच्चे के साथ शिक्षकों ने किया वो गलत है। चारों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है।

पीड़ित छात्र ने बताया कि स्कूल के शिक्षक मोचन सर ने पूछा सबसे ज्यादा कामचोर कौन होता है। मैंने जवाब दिया जो आलसी होता है। इतने में सर ने कहा कि जुबान लड़ा रहा है और स्टील की स्केल से पहले 10 से 15 बार हाथ-पैर में मारा। फिर प्रिंसिपल के पास ले कर गए। जहां प्रिंसिपल ने अनुशासन में रहने की समझाइश देकर भेज दिया। फिर लंच के बाद स्कूल के अन्य शिक्षक नरेश, सरोज ने बुलवाया। जहां सबने पहले डंडे से मारा, फिर स्कूल की सभी कक्षाओं में ले जाकर स्कूल के सभी बच्चों के सामने जलील किया। साथ हर स्कूल में कक्षा पांचवीं में पढ़ने वाले छोटे भाई मनन को भी बुलवाकर भाई के हाथों से भी 20 डंडे मरवाये। फिर ब्लैक बोर्ड में नाक रगड़वा कर सॉरी लिखवाया। शिक्षकों ने बच्चों के सामने शिक्षक के पैर में गिरवा कर जमीन में सुला कर माफी मंगवाई। मुझे शिक्षकों ने मिलकर 200- 250 डंडे मारे हैं, खूब पिटाई की।