अंबिकापुर। कोरोना काल में अब बहनें भाईकों को सीधे तौर पर राखी नहीं बांध सकेंगी। दरअसल इस सालराखी के त्यौहार में जेल में बंद भाईयों को राखी बांधने के लिए बहनों को डाक के जरिए राखी भेजना होगा। कोरोना के खतरे को देखते हुए जेल प्रबंधन ने यह निर्णय लिया गया हैं। इसके साथ ही जेल में बंद महिला कैदी अपने भाईयों को डाक के जरिए राखी भेज सकेंगी। 

अंबिकापुर केंद्रीय जेल में इस साल राखी के त्यौहार पर बहनें अपने भाईयों को राखी नहीं बांध सकेंगी जिससे महिला कैदी और जिनके भाई जेल में बंद है। उन्हें काफी निराशा होगी। दरअसल कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलते वायरय को देखते हुए देखते हुए जेल प्रंबधक ने यह फैसला लिया है।

अम्बिकापुर केंद्रीय जेल में 2150 बंदी है। जिसमें 157 महिला कैदी है। हर बार जेल प्रबंधन जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने की अनुमति देता था और बहने जेल पहुंचकर राखी बांधती थी। लेकिन इस बार कोरोना के संक्रमण को देखते हुए जेल प्रबंधन राखी बांधने की अनुमति बहनों को नहीं दे रहा हैं।

अंबिकापुर केंद्रीय जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड ने बताया कि बहने जेल में बंद अपने भाईयों को राखी डाक के जरिए भेज सकती हैं। साथ ही जेल मे बंद महिला बंदियों को इस साल रक्षाबंधन में अपने भाईयो को डाक के जरिए राखी भेज सकेंगी। साथ ही महिला बंदियो के द्वारा डाक से भेजे गए राखीयों का पूरा खर्च बंदी कल्याण निधी के माध्यम से जेल प्रबंधन उठाएगा। इसके अलावा जो महिलाये जेल में बंद है वो जेल में बंद भाइयों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए राखी बांध सकेंगी। इसके लिए जेल प्रबंधन द्वारा व्यवस्था भी की गई है।