रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर सोमवार दोपहर सीएम हाउस का घेराव करने जा रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने कोविड अस्पताल के सामने ही रोक दिया। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में वहां जमा हुए अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों को पुलिस आगे नहीं बढ़ने दे रही। हालांकि उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है।

सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ीं धज्जियां
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इंडोर स्टेडियम को कोविड-19 अस्पताल बनाया है। ऐसे में यह इलाका काफी संवेदनशील है। अभ्यर्थियों को इसके ठीक सामने रोके जाने के बाद से हंगामा बढ़ गया है। इस दौरान दोनों ओर से जमकर धक्का-मुक्की शुरू हो गई है। सैकड़ों की भीड़ और कोविड अस्पताल के ठीक सामने सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं।

नियुक्ति पत्र नहीं मिला अब तक
सरकार ने B.Ed ,D.Ed 14580 शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन निकाला था जिसके बाद यह सभी सेलेक्ट हो गए हैं लेकिन अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अब सोमवार से वे सड़कों पर उतर आए। राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल पर अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। मांगों को लेकर वे मुख्यमंत्री निवास का भी घेराव करने की दी थी चेतवनी।

पुलिस ने दो जगह बनाए बैरिकेड्स
अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। वह सुबह से ही राजधानी रायपुर में बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल पर बैठे हुए थे। वहां नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की चेतावनी दी थी। इसको लेकर पुलिस ने भी पहले से ही तैयारी कर रखी थी। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने दो स्थानों कालीबाड़ी और श्याम टाकीज़ के पास बैरिकेडिंग कर रखी है।

डेढ़ साल से रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया
प्रदेश में करीब डेढ़ साल से 14580 पदों के लिए शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया रुकी हुई है। इसको लेकर अभ्यर्थी अब बीएड-डीएड संघ के बैनर तले सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा- 22 अगस्त को दिए धरने में हमने अल्टीमेटम दिया था कि एक सितंबर तक मांगें मानी नहीं गई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। ये उसी हड़ताल का आज पहला दिन है।