रायपुर। राज्य सरकार बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी का विभाजन कर रायगढ़ में एक और यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी में है। इसमें रायगढ़ और कोरबा या जांजगीर के कॉलेज शामिल किए जाएंगे। इसका प्रस्ताव बनाकर उच्च शिक्षा संचालनालय ने शासन को भेज दिया है। सीनियर सचिवों की कमेटी प्रस्ताव का रिव्यू करेगी। इसके बाद कैबिनेट की अनुमति के लिए भेजा जाएगा।

अनुमति मिलने पर विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यह प्रस्ताव लाया जा सकता है। नई यूनिवर्सिटी का नाम झीरम घाटी हमले में शहीद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नंदकुमार पटेल के नाम पर करने का प्रस्ताव है।

उच्च शिक्षा संचालनालय ने रायगढ़ में नई यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए क्षेत्रीय संतुलन और उससे संबद्ध किए जाने वाले कॉलेजों की दूरी को देखते हुए दो विकल्प सुझाए हैं।

पहले विकल्प

  • पहला यह है कि रायगढ़ व जांजगीर-चांपा के प्रशासनिक क्षेत्रों को शामिल करते हुए नई यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाती है तो इसमें 102 कॉलेज होंगे।
  • अटल यूनिवर्सिटी में कॉलेज घटकर 85 रह जाएंगे।
  • दोनों जिलों का भौगोलिक क्षेत्रफल 10939 किमी होगा।
  • नियमित और प्राइवेट स्टूडेंट्स की संख्या 1 लाख के करीब होगी।

दूसरे विकल्प

  • दूसरे विकल्प के अनुसार रायगढ़ और कोरबा जिले के प्रशासनिक क्षेत्रफल को शामिल कर यूनिवर्सिटी स्थापित करने पर 62 कॉलेज होंगे।
  • ऐसे में अटल यूनिवर्सिटी में 115 कॉलेज होंगे। दोनों जिलों को मिलाकर 13684 किमी कार्यक्षेत्र होगा।
  • रेगुलर-प्रायवेट मिलाकर करीब 75 हजार स्टूडेंट्स होंगे।
  • संचालनालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पूरा सेटअप अटल यूनिवर्सिटी की तरह रखने का प्रस्ताव है।
  • यूनिवर्सिटी खुलने से रायगढ़ के आदिवासी बहुल इलाके के बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ शोध का लाभ मिलेगा।
  • रायगढ़ और कोरबा को शामिल कर नई यूनिवर्सिटी स्थापित की जा सकती है।

बढ़ जाएगी यूनिवर्सिटी की संख्या

रायगढ़ में नई यूनिवर्सिटी की स्थापना होने पर राज्य की 11वीं यूनिवर्सिटी होगी। इस समय रविशंकर यूनिवर्सिटी रायपुर, बस्तर जगदलपुर, हेमचंद यादव दुर्ग, अटलबिहारी बिलासपुर, गहिरा गुरु अंबिकापुर, सुंदरलाल शर्मा ओपन बिलासपुर, पत्रकारिता रायपुर, तकनीकी भिलाई-दुर्ग, कामधेनु अंजोरा दुर्ग, आयुष रायपुर और रायपुर में कृषि यूनिवर्सिटी है।

दूसरी बार होगा विभाजन

अटल यूनिवर्सिटी बिलासपुर का यह दूसरी बार विभाजन होगा। इससे पहले बीजेपी शासन काल में इसका विभाजन कर गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी अंबिकापुर की स्थापना की गई थी। वैसे तीन दशक पहले रविशंकर यूनिवर्सिटी रायपुर के विघटन से स्थापित गुरू घासीदास यूनिवर्सिटी के सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने पर अटल यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई थी।