रायपुर: आयुर्वेदिक कॉलेज में मंगलवार को जूनियर डॉक्टर्स का गुस्सा विरोध बनकर सामने आ गया। हुआ यूं कि जबसे कोरोनाकाल चल रहा है तबसे जूनियर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ लगातार सेवा दे रहा है मगर पिछले 5 महीनों से इन डॉक्टर का स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है। जिसके विरोध में उन्होंने विरोध करते हुए प्रदर्शन किया।
जूडा (जूनियर डॉक्टर) ने काम बंद कर दिया और हाथ में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मांगे पूरी नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है। इसके बाद कुलपति ने उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी है।

विदित हो कि आयुर्वेदिक कॉलेज में कोविड अस्पताल बनाया गया है। मंगलवार तो यहां ड्यूटी कर रहे जूनियर डॉक्टर बाहर परिसर में निकल आए और कुलपति के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। डॉक्टरों का आरोप है कि पिछले 5 माह से लगातार काम करने के बाद भी उन्हें स्टाइपेंड नहीं दिया जा रहा है। इसको लेकर कई बार अधिकारियों के भी चक्कर लगा चुके हैं।

अधिकारियों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं
जूडा के अध्यक्ष डॉ. मुकेश तिवारी ने बताया कि मांगों को लिए विभागीय सचिव संचालक से लेकर मंत्री तक को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परेशान होकर काम बंद कर दिया है। कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं की जाएगी, हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। वहीं कुलपति जीएस बघेल ने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी गई है।

कबीर नगर का चार्ज
पुलिस जवानों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कबीर नगर थाने को सात दिन के लिए सील कर दिया गया है। इस दौरान इसका प्रभार आमानाका थाने के पास रहेगा। थाने में दर्जन भर से ज्यादा जवान पॉजिटिव हो चुके हैं। एक एएसआई की मौत भी हो गई है। इसके बाद से ही थाने को संचालित करने पर सवाल उठ रहे थे। फिलहाल जवानों का टेस्ट कराया जा रहा है