पाटन। छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले के पाटन में भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध बढ़ता ही जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र का घेराव करने गए सांसद विजय बघेल गिरफ्तारी के बाद बुधवार से ही वहां अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने केस वापस नहीं होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। दूसरी ओर गुरुवार को लोअर कोर्ट ने नेताओं की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
दुर्ग सांसद विजय बघेल को मनाने की कोशिशें कल देर रात से ही जारी हैं, लेकिन वह उठने को तैयार नहीं हैं। वहीं भाजपा नेताओं का जमावड़ा भी बढ़ता जा रहा है। इसे देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया है। दोपहर में चरोदा भिलाई महापौर चंद्रकांता मांडले समेत अन्य नेता पहुंचे। वहीं देर शाम तक और भी कई बड़े नेता और कार्यकर्ताओं के मंडी परिसर पहुंचने की संभावना है।

सांसद बघेल के साथ आमरण अनशन में जिला पंचायत सदस्य हर्षा चंद्राकर, ठाकुर रणजीत सिंह और गायत्री साहू बैठे हुए हैं। सांसद बघेल ने कहा, फर्जी केस में साथियों की गिरफ्तारी की गई है। मैं उस आंदोलन का नेतृत्व कर रहा था। मेरे खिलाफ केस क्यों नहीं लगाते। शासन अपनी ओर से फर्जी केस को वापस लेकर खारिज करे। बिना जांच सीधे एफआईआर सरकार की दमनकारी नीति को दर्शाता है।

तीनों नेताओं की जमानत याचिका कोर्ट से खारिज

जेल में बंद भाजपा के तीनों नेताओं सांसद प्रतिनिधि राजा पाठक, उत्तर पाटन मंडल अध्यक्ष लोकमणि चंद्राकर और जितेंद्र सेन की जमानत याचिका पाटन लोअर कोर्ट से खारिज हो गई है। उनके समर्थकों की मानें तो 15 अक्टूबर को सेशन कोर्ट दुर्ग में याचिका लगाई जाएगी। बताया जा रहा है कि जेल के अंदर से तीनों नेता अनशन पर बैठ गए हैं।