17 जनवरी 2019, नई दिल्ली। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सहित चार दोषियों को सीबीआई की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने चारों आरोपियों को गत 11 जनवरी को पत्रकार हत्या मामले में दोषी करार दिया था। गुरमीत राम रहीम सहित चारों दोषियों को रोहतक की सुनारिया जेल में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद गुरमीत राम रहीम, निर्मल, कुलदीप और कृष्ण लाल को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। फैसला सुनाने के बाद चारों दोषियों को सजा के फैसले की कॉपी ईमेल के द्वारा भेजी जाएगी। आपको बता दें कि डेरा प्रमुख रोहतक की सुनारिया जेल में दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में बीस साल की सजा काट रहा है। सजा के मद्देनजर रोहतक ,सिरसा तथा पंचकूला में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

1- रामचंद्र छत्रपति ने राम रहीम के काले कारनामों का भंडाफोड़ किया था और अपने अखबार ‘पूरा सच’ में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी।

2- रामचंद्र छत्रपति ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि कैसे डेरा मुख्यालय में राम रहीम महिलाओं का यौन उत्पीड़न करता है। एक गुमनाम साध्वी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक चिट्ठी लिखकर सुरक्षा की गुहार की गई थी।

3- 24 अक्टूबर 2002 को छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने 2003 में केस दर्ज किया था। यह मामला वर्ष 2006 में सीबीआई को सौंप दिया गया था और सीबीआई ने इस मामले में जुलाई 2007 में आरोप पत्र दायर किया था।

4- अदालत ने राम रहीम समेत चारों आरोपियों को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 120 बी (आपराधिक साजिश) में सजा सुनाई है। वहीं आरोपी निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को शस्त्र कानून के तहत भी सजा सुनाई है। अदालत ने सभी चारों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

5- मामले की सुनवाई के दौरान गुरमीत सहमा-सहमा सा दिख रहा था। अदालत ने जेल अधीक्षक को सजा की कॉपी दोषियों को मुहैया कराने के लिये जेल में प्रिंटर की व्यवस्था कराने के आदेश दिये थे।

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