रायपुर। झूठे आरोप लगाकर छवि धूमिल करने के प्रयास के मामले में अनिल टूटेजा ने भोपाल से प्रकाशित पत्रिका ‘जगत-विजन’ की एडिटर विजया पाठक और छत्तीसगढ़ के ब्यूरो चीफ मणिशंकर पाण्डेय के विरुद्ध एक करोड़ रूपए का मानहानि का नोटिस भेजा है।

अधिवक्ता के माध्यम से जगत विजन पत्रिका के एडिटर को भेजे नोटिस में कहा गया है कि जगत विजन पत्रिका में उनके पक्षकार अनिल टूटेजा जोकि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं, के विरूद्ध निराधार और असत्य खबर प्रकाशित कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है। नोटिस में लिखा है कि जगत विजन पत्रिका में पूर्व में श्री टूटेजा के समर्थन में खबरें प्रसारित की गई थी, जिसमें उन्हें बेदाग और ईमानदार अधिकारी माना गया था। लेकिन वर्तमान में झूठी और भ्रामक खबर प्रसारित कर न्यायिक विचारण को प्रभावित करना चाहते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि इस कार्य में कुछ अन्य लोगों की भी संलिप्तता है। पत्रिका के द्वारा प्रकाशित खबर से आईएएस टूटेजा और उनके परिवार की छवि धूमिल हुई है। प्रकाशित खबर से उन्हें अत्यंत प्रताड़ना व प्रपीड़न हुआ है और उनके मान सम्मान में कमी आई है। झूठे कथनों से उनका अपमान हुआ है।

IAS टुटेजा ने वकील के माध्यम से जगत विजन पत्रिका की एडिटर विजया पाठक और छत्तीसगढ़ के ब्यूरो चीफ मणिशंकर पाण्डेय को भेजे गए नोटिस में कहा है कि वे 24 घंटे के भीतर लिखित माफी मांग कर प्रसारित झूठे कथनों को वापस लें अन्यथा एडीटर तथा ब्यूरो चीफ के विरुद्ध धारा 499 एवं 500 भादंवि के अंतर्गत न्यायालय में एक करोड़ रुपए की सिविल मानहानि का प्रकरण प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही नोटिस प्राप्तकर्ता विधिक सूचना व्यय के खर्च के रूप में 50 हजार रूपए देने के लिए उत्तरदायी होंगे।