21, नवंबर 2020 बिहार। आज छठ पूजा के चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ महापर्व का समापन हो गया है। शनिवार को व्रती छठ घाट से आकर व्रत का पारण करेंगी। हालांकि कई राज्यों में छठ घाट पर जाकर पूजा करने पर बैन था।

जिन-जिन राज्यों में छठ घाट जाने की अनुमति वहां प्रशासन की ओर से कई तरह के दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। घाट पर मास्क लगाकर जाना अनिवार्य था। कोरोना काल में बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, झारखंड सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में छठ पर्व की धूम नजर आई।

व्रती ने सुबह 06:30 से 06:49 बजे सूर्य देव को अर्घ्य दिया। छठ को सबसे ज्यादा बिहार में धूमधाम से मनाया जाता है। पटना में अलग-अलग गंगा घाटों, तालाबों, जलाशयों में छठ पूजा की भीड़ देखने को मिली। कोरोना काल में कई लोगों ने अपने घर पर ही छठ का महापर्व मनाया। झारखंड के रांची, बिहार के पटना और उत्तर प्रदेश के लखनऊ और वाराणसी में बड़ी संख्या में लोग इक्टठा हुए।

बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश में नदी घाटों पर पूजा करने की पारंपरिक प्रथा की इजाजत थी। लेकिन घाटों पर कोविड-19 के नियमों का ध्यान रखा गया। वहीं दिल्ली में छठ पूजा के लिए नदी घाटों पर जाने की छूट नहीं दी गई थी। दिल्ली में बढ़ते कोरोना केसों को ध्यान में रखते हुए ये कदम उठाया गया था। दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की थी कि वो छठ का महापर्व अपने घर पर ही मनाए।

बता दें कि छठ पूजा 4 दिनों का होता है। पहले दिन 18 नवंबर को व्रती नहा कर लौकी की सब्जी और दाल चावल खाती हैं। वहीं दूसरे दिन 19 नवंबर को पूरे दिन उपवास कर शाम को खीर का प्रसाद ग्रहण करती हैं। वहीं तीसरे दिन 20 नवंबर को फल, ठेकुआ से डूबते सूरज को शाम में अर्घ्य दिया जाता है। छठ पूजा के चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा का समापन किया जाता है।