रायपुर/अंबिकापुर (क्षितिज चंदेल)। सरगुजा विश्वविद्यालय की बड़ी खबर सामने आ रही है, यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. रोहिणी प्रसाद को बर्खास्त कर दिया गया है, साथ ही यूनिवर्सिटी में तत्काल प्रभाव से धारा 52 लागू किया गया है। भूपेश सरकार के कार्यकाल में यह पहला मौक़ा होगा जब किसी कुलपति को हटाने का फ़ैसला सरकार ने लिया हो। सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति रोहिणी प्रसाद को राज्य सरकार ने हटाए जाने की अनुशंसा राज्यपाल को भेज दी है।

आपको बता दें सरगुजा विश्वविद्यालय को लेकर राज्य सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, नोटिफिकेशन में उल्लेख है कि गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा के क्रियाकलापों में कुप्रशासन और अव्यवस्था, समन्वय की कमी, आंतरिक विवाद के कारण स्वस्थ शैक्षणिक एवं प्रशासनिक वातावरण का अभाव और जनसाधारण एवं छात्रों के मन में विश्वविद्यालय के विश्वसनीयता के प्रति गिरावट आई है, जिस वजह से छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 13,14,23से 25 तक,40,47,54 तथा 68 के प्रावधानों को लागू किया जाता है।

सरगुजा विश्वविद्यालय के 11 वर्षों के इतिहास में यह पहला मौक़ा है जबकि किसी कुलपति को हटाए जाने का फ़ैसला लिया गया हो। हालांकि इसके बाद अभी राज्यपाल भवन से अंतिम औपचारिक आदेश निकलना बाक़ी है।

क्या है धारा 52 

विवि एक्ट के अनुसार जब किसी कुलपति के कार्यकाल में प्रशासनिक व आर्थिक अनियमितता होना साबित होता है तब राज्य शासन राजभवन की सहमति मिलने के बाद कुलपति को हटाकर विवि में धारा 52 लगाती है। इसकी अवधि अधिकतम दो साल की हो सकती है।