रायपुर। कोविड-19 के संक्रमण को थामने की तमाम कोशिशों के बीच यह खबर सकारात्मकता और रचनात्मकता से भरपूर है। सरकारी, गैरसरकारी संस्थाओं से लेकर आम लोग भी अब कोरोना वायरस से दो दो हांथ कर उसे मात देने अब नई नई जुगत लगा रहे हैं। 

सोशल मीडिया पर अब एक ऐसी वर्णमाला बड़ी तेजी से सर्कुलेट हो रही है जो कोविड-19 के खतरे और कोरोना वायरस को मात देने के उद्देश्य के साथ आम लोगों, ख़ासकर स्कूली बच्चों के बीच जागरूकता पैदा कर रही है।

कोविड-19 के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से बनाई गई इस वर्णमाला में जहां ‘अ’ से अपना खयाल रखें होता है वहीं ‘ओ’ से ओझा से बचने की सलाह है। ‘क’ से कोरोना से न घबराने की बात कही गयी है तो ‘ज्ञ’ से ज्ञानी बनने और अज्ञानता से बचने का आह्वान भी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वर्णमाला से छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के प्रमुख सचिव तारण प्रकाश सिन्हा भी प्रभावित हुए बगैर नहीं रह सके। अपने फ़ेसबुक पोस्ट पर इस वर्णमाला को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा – ‘सोशल मीडिया में तैर रही यह सुंदर रचनात्मकता निश्चित ही किसी शिक्षक के प्रयासों से उपजी होगी। इन्हीं शिक्षकों ने कोरोना काल की प्रतिकूल परिस्थितियों में छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में शिक्षा की अलख जगाये रखा है। यह क्रिएटिविटी आश्वस्त करती है कि हम कोरोना को शीघ्र ही शिकस्त देकर नवा छत्तीसगढ़ और नवा भारत गढ़ने में जुट जाएंगे।’