रायपुर। देश के बाहर छत्तीसगढ़ की पहचान एक माओवादी हिंसा से प्रभावित प्रदेश के रूप में जानी जाती है, लेकिन इस पहचान को तोड़ने के लिए राजधानी रायपुर में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें अर्जेंटीना, इंग्लैंड, ब्रिटिश, पाकिस्तान सहित देशभर की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। राजधानी रायपुर के मुक्ताशमंच पर 10 से 14 फरवरी तक अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कई देशों की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी।

ये फिल्में होंगी प्रदर्शित..
फिल्म फेस्टिवल में अर्जेंटीना के निर्देशक पाब्लो सेजार की फिल्म थिंकिंग आफ हिम, इंग्लैंड के अवतार भोगल की फिल्म ऑनर कीलिंग प्रदर्शित की जाएगी। इसके साथ ही दक्षिण कोरिया फिल्म फेस्टिवल में सुर्खियां बटोर चुकी फिल्म रोम रोम में। जान स्टीनबैक रचित आफ माइस एंड मैम सहित रोड डू संगम, शाहिद, हजारों ख्वाहिशें, अलेक्स हिन्दुस्तानी, माई घाट केस नंबर 103 बटे 2005 जैसी विश्व प्रसिद्ध फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजक सुभाष मिश्रा ने बताया कि सुधीर मिश्रा, स्वानंद किरकिरे, अजीत राय जैसे दिग्गज भी शिरकत करेंगे। जिसकी तैयारी जोरो पर है और आयोजक से लेकर सिने कलाकार तक इसे सफल बनाने की तैयारी में जुटे हुए हैं।

होगी राज्य की ब्राडिंग..
फिल्म समीक्षक अनिरूद्ध दुबे का कहना है कि आमतौर पर छत्तीसगढ़ की पहचान अन्य राज्यों में और देश में एक माओवादी प्रदेश के रूप में है, मगर फिल्म समीक्षक से लेकर आयोजकों तक का मानना हैं कि ऐसे बड़े आयोजन से ना केवल देश में प्रदेश की ब्रांडिंग होगी। बल्कि विदेशों में भी राज्य का नाम बढ़ेगा। सरकार की ओर से भी इसकी तैयारी की जा रही है। आयोजक की माने तो यह फिल्म फेस्टिवल आदिवासी, दलित अस्मिता और समाजिक न्याय को समर्पित होगा। जिसमें देश विदेश के नर्माता-निर्देशक सहित कलाकार शिरकत करेंगे। पांच दिनी इस आयोजन में एक पूरा दिन छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लिए रखा गया है।